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नाक में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होने पर न करें लापरवाही, जानें इसके कारण, लकà¥à¤·à¤£ और इलाज के बारे में
नाक में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ कई कारणों से हो सकती है, जानें नाक में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£, कारण और बचाव के बारे में।
नाक हमारे शरीर का सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अंग है जिसके माधà¥à¤¯à¤® से आप सांस लेते हैं और कारà¥à¤¬à¤¨à¤¡à¤¾à¤ˆà¤‘कà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ को छोड़ते हैं। सांस लेते समय नाक में कई तरह के हानिकारक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण के कण आदि पहà¥à¤‚च जाते हैं जो बाद में नाक से जà¥à¥œà¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का कारण बनते हैं। विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन के à¤à¤• आंकड़े के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° की लगà¤à¤— 26 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ जनसंखà¥à¤¯à¤¾ किसी न किसी तरह की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ या संकà¥à¤°à¤®à¤£ की समसà¥à¤¯à¤¾ का शिकार है। इनमें से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामले नाक से जà¥à¥œà¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के हैं। सांस लेते समय हवा में मौजूद हानिकारक कण, जीवाणॠऔर बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ आदि नाक में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करते ही à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€, इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ आदि समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को जनà¥à¤® देने लगते हैं। नाक में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ इनमें से सबसे आम है। चाहे वह मौसम में बदलाव हो या हवा में पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण या फिर जीवाणॠजनित बीमारियों का संकà¥à¤°à¤®à¤£, नाक को सबसे पहले पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। नाक में होने वाला संकà¥à¤°à¤®à¤£ अगर लंबे समय तक बना रहता है तो इसकी वजह से कई गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ हो सकती हैं। नाक में होने वाली तमाम समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ संकà¥à¤°à¤®à¤£ यानी इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के कारण ही होती हैं। आज इस लेख के माधà¥à¤¯à¤® से हम जानेंगे नाक में होने वाले इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के कारण, इसके लकà¥à¤·à¤£ और बचाव के बारे में।
नाक में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के कारण (Nose Infection Causes)
इंसान को जिंदा रहने के लिठऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरूरत होती है। हवा में मौजूद ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ को सांस के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ नाक के माधà¥à¤¯à¤® से फेफड़ों तक पहà¥à¤‚चाया जाता है और फिर फेफड़ों से कारà¥à¤¬à¤¨à¤¡à¤¾à¤ˆà¤‘कà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ को उतà¥à¤¸à¤°à¥à¤œà¤¿à¤¤ किया जाता है। हवा में मौजूद किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, जीवाणॠया हानिकारक पà¥à¤°à¤¦à¥‚षित कणों का संपरà¥à¤• सबसे पहले नाक से ही होता है। हवा में मौजूद बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और वायरस के कारण नाक में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। नाक में होने वाला इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ कई तरह का हो सकता है और इसके कारण और लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में अलग-अलग हो सकते हैं। मौसम में बदलाव के कारण और कà¥à¤› वातावरण से जà¥à¥œà¥‡ कारणों की वजह से नाक में होने वाला सामानà¥à¤¯ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ सरà¥à¤¦à¥€ और जà¥à¤•ाम को माना जाता है। इसके अलावा नाक में होने वाले इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के कà¥à¤› पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण इस पà¥à¤°à¤•ार से हैं।Â
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का नाक के संपरà¥à¤• में आना।
नाक के à¤à¥€à¤¤à¤° किसी पà¥à¤°à¤•ार का कट या जलना।
नाक बहने की समसà¥à¤¯à¤¾ के कारण।
नाक बालों का कटिंग करने या उसे उखाड़ने की वजह से।
महिलाओं में नाक छिदवाने की वजह से।
वायरस के नाक के संपरà¥à¤• में आने से।
संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के संपरà¥à¤• में आने से।
मौसम में बदलाव की वजह से।
हवा में पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण की वजह से।
नाक में होने वाली गंà¤à¥€à¤° बीमारियों के कारण।
नाक में सूजन की वजह से।
शरीर में विटामिन डी की कमी से।
कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के सेवन से।
जानवर के बाल (à¤à¤¨à¤¿à¤®à¤² हेयर) की वजह से।
धà¥à¤†à¤‚, धूल और मिटà¥à¤Ÿà¥€ की वजह से।
नाक में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£ (Nose Infection Symptoms)
नाक में होने वाला इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ बाहरी कारणों के अलावा शरीर में मौजूद समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं और बीमारियों की वजह से à¤à¥€ हो सकता है। हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में यह समसà¥à¤¯à¤¾ अलग-अलग कारणों से हो सकती है और इसकी वजह से हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में नाक में होने वाले इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ अलग-अलग दिखाई दे सकते हैं। साइनस, सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤« इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ और सरà¥à¤¦à¥€ और जà¥à¤•ाम जैसे नाक के इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ में मरीजों में कई तरह के लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं। नाक के इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ में दिखने वाले लकà¥à¤·à¤£ संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की शारीरिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के हिसाब से अलग-अलग होते हैं। आइये जानते हैं नाक के इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ में दिखने वाले कà¥à¤› पà¥à¤°à¤®à¥à¤– लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में।
नाक में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की वजह से सिरदरà¥à¤¦à¥¤
नाक, कान और दांतों में दरà¥à¤¦à¥¤
सरà¥à¤¦à¥€ और जà¥à¤•ाम।
बà¥à¤–ार की समसà¥à¤¯à¤¾à¥¤
गले में खराश।
नाक में जकड़न।
सांस लेने में दिकà¥à¤•त।
नाक के ऊपर की सà¥à¤•िन का लाल होना।
चेहरे पर सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾à¥¤
गंà¤à¥€à¤° रूप से खांसी।
नाक बहने की समसà¥à¤¯à¤¾à¥¤
नाक में खà¥à¤œà¤²à¥€à¥¤
आंख से पानी आना।
नाक में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ होने पर कब करें डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• (When To See A Doctor)
आमतौर पर नाक में सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम की वजह से होने वाला इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ कà¥à¤› दिनों में खà¥à¤¦ से ही ठीक हो जाता है। लेकिन शरीर की आंतरिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, वायरस या बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की वजह से या साइनस, सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤« इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ आदि समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं की वजह से होने वाला इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ काफी समय तक बना रह सकता है। गंà¤à¥€à¤° मामलों में नाक में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ लंबे समय तक बनी रह सकती है और दिन ब दिन इसके लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ गंà¤à¥€à¤° होते जाते हैं। अगर किसी à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में नाक में होने वाले इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£ 8 से 10 दिनों के लिठबने रहते हैं तो उसे डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• जरूर करना चाहिà¤à¥¤ इसके अलावा इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में आपको तà¥à¤°à¤‚त चिकितà¥à¤¸à¤• से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
सांस लेने में गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¥¤
आंख में गंà¤à¥€à¤° दरà¥à¤¦, और पानी बहना।
नाक में गंà¤à¥€à¤° जलन और दरà¥à¤¦à¥¤
तेज बà¥à¤–ार और सिरदरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾à¥¤
नाक में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का इलाज और बचाव के टिपà¥à¤¸ (Nose Infection Treatment And Prevention Tips)
आमतौर पर सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम जैसे मौसम में बदलाव होने की वजह से होने वाले इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ में बचाव के लिठआप गरà¥à¤® चीजों का सेवन और कà¥à¤› घरेलू उपायों को अपना सकते हैं। इसके अलावा जब यह समसà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिनों तक बनी रहती है तो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग ओवर द काउंटर दवाओं का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं। लेकिन अगर आपको नाक में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ लंबे समय तक बनी रहती है और इसके लकà¥à¤·à¤£ गंà¤à¥€à¤° होने लगते हैं तो à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ चिकितà¥à¤¸à¤• की सलाह लेनी चाहिà¤à¥¤ नाक में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ में इन बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ जरूर रखना चाहिà¤à¥¤
1. à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ और असà¥à¤¥à¤®à¤¾ की बीमारी में मरीजों को नाक के इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिà¤à¥¤ इन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना बहà¥à¤¤ जरूरी है। असà¥à¤¥à¤®à¤¾ और à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ में नाक के इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के गंà¤à¥€à¤° होने से आपको कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं।
2. नाक के इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ में आपको हाइजीन का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤à¥¤ वायरल और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ से बचने के लिठआपको अपने हाथों को नियमित रूप से साफ जरूर करना चाहिà¤à¥¤
3. धूल, धूप और गंदगी आदि की वजह से à¤à¥€ आपको नाक में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। अगर आपको बार-बार नाक में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है तो इन फैकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ से बचाव करना चाहिà¤à¥¤
4. पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण में जाने से बचें और पà¥à¤°à¤¦à¥‚षित हवा में सांस लेते समय मासà¥à¤• का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² जरूर करें।
5. खानपान का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने से à¤à¥€ आप नाक के इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ से बाख सकते हैं।
नाक में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, वायरस या जीवाणॠसंकà¥à¤°à¤®à¤£ की वजह से होने वाली समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को नजरअंदाज करना कई बार à¤à¤¾à¤°à¥€ पड़ सकता है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ में बचाव के लिठआपको पà¥à¤°à¤¦à¥‚षित हवा में सांस लेने से पहले मासà¥à¤• का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤², खानपान से जà¥à¥œà¥€ सावधानियां और नियमित रूप से अपने सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की जांच जरूर करानी चाहिà¤à¥¤
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